Thursday, 7 May 2020

How Search Engine Works


Search Engines कैसे काम करतें है ?

हम Search Engines के top पर आने के लिए SEO करते है।  पर क्या आप  जानते है कि Search Engines काम कैसे करतें है?  
Google, Yahoo , Bing etc. सभी popular Search engines हैं।
सर्च इंजन की popularity का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब भी  कुछ जानकारी चाहिए होती है तो हम उसे Google पर जाकर ढूंढ़ते हैं। 

Search engines defined in Hindi

सर्च इंजंस क्या होते हैं ? 
सर्च इंजन actual में software programme  है जिन्हें Spiders, bots या  crawlers कहते हैं।
यह ऑनलाइन जितने भी webpages available हैं उनकी जानकारी इकट्ठा करते हैं और जब कोई search की  जाती है तो उस से related सारी जानकारी वह हमें  देते हैं।
Search engines कैसे काम करतें हैं ?
सर्च इंजन बहुत सारी information collect  करते हैं , उसको सही से organize करते हैं और माँगे जाने पर user को results की form में display कर दी जाती है।
आपने देखा होगा –
जब भी आप Google के search box में कुछ type  करते हैं तो कुछ ही सेकंड के अंदर हमारे पास बहुत सारे results  आ जाते हैं।
आज के समय में Google का सर्च इंजन बहुत ही popular है।
Google ने अपने software programme को बहुत ही अच्छी तरह design किया है ताकि users तक best results पहुचायें जा सकें।

मुझे याद है जब मैं स्कूल में थी और Indian culture  पर project बनाना था।
मैं सबसे पहले library गई थी , information collect करने।
और library incharge ने  बहुत ही जल्दी related book  निकालकर  मुझे दे दी थी।
Library में  बहुत  सारी किताबें होती है, पर फिर भी बहुत ही तरीके से उनको arrange किया जाता है।
उसी तरह online भी बहुत सारी जानकारी है .
सर्च इंजन उस सभी जानकारी को इकट्ठा करते हैं,  organize करके rank decide करतें  हैं  और मांगे जाने पर अपने users  को दे देते हैं।

सर्च इंजन 3 steps में  काम करते हैं-
  1. Crawling
  2. Indexing
  3. Retrival
सबसे पहले सर्च इंजन crawling करते हैं।
google crawling
वह एक webpage  पर जाते हैं और उस पर दिए हुए लिंक को follow करते करते हुए दूसरे , फिर तीसरे आदि पर।  
इस तरह Online  सभी webpages की  जानकरी को इकठ्ठा कर लेते हैं।
 जब भी कोई नई website बनाये तो उसे search engines को ज़रूर submit करें।
Search Engine Optimization के लिए  जरुरी है जब भी कोई नई website बनाये तो उसे search engines को ज़रूर submit करें।
और  अपनी website का sitemap भी search engines को देना चाहिए ,
ताकि crawlers हमारी website की information सही से collect कर पाएं और अपने database में add आकर लें।  
दूसरा Step है – Indexing
जानकारी इकट्ठा करने के बाद  इस जानकारी को अपने database में add कर लेतें है। 
सभी इकठा information को analyse किया जाता है और ranking दी जातीं हैं। यानी हज़ारों webpages में से किसको किस position पर show करना है SERP ( Search Engine Result Page ) में। 
इसी process को indexing कहतें है।
Ranking and indexing
हर सर्च इंजन के अपने rules  ( algorithms ) होते हैं जिनके आधार पर ranking decide करी जाती  है.
अगर हम Google की बात करें तो लगभग 200 factors हैं जिसके bases पर सभी webpages को analyse करते हैं और rank देतें हैं।  
उदाहरण के लिए —
अगर मैं Google में Taj Mahal  टाइप करू तो जो वेबसाइट top  पर आई हैं उनके title, description और URL में Taj Mahal  लिखा हुआ है।
 ऐसा इसलिए है क्योंकि Rank देते समय Google search webpage के title, description और URL को बहुत important factor मानता है।  
इसके अलावा और भी बातें जो Google के सर्च रिजल्ट में हमारी रैंकिंग decide करती हैं।
  •  जैसे- हमारी वेबसाइट कितनी पुरानी है?
  •  उस पर  दी गई  जानकारी की Quality  कैसी है ?
  • कितनी वेबसाइट से जो उस webage को  लिंक करती हैं? ( backlinks )
 यह वह सभी बातें हैं जो Google को यह है इशारा करती हैं की किस webpage  को किस position पर दिखाये। 

तीसरा और last step है -Retrival

इस step  में user की Query को समझा जाता हैऔर उससे Related सभी results display किए जाते हैं।

 जब भी हम Google के सर्च बॉक्स में कुछ टाइप करते हैं तो कुछ नहीं सेकेंड के अंदर
 उस से Related जितनी भी  जानकारी online available  है , वह हमें अपनी search results  में दिखा देता है। 
Conclusion 
Google, Yahoo,Bing  आदि यह सभी सर्च इंजन वास्तव में सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है,  
जो कुछ भी सर्च करने पर user को  उस से related online available  सभी जानकारी बहुत जल्दी दे देते हैं। 
सभी search engines की working इस तरह होते है –  जानकारी इकट्ठा करना उसको analyse  करके रैंक देना और मांगे जाने पर user कोresults show करना।
क्या मेरा यह article  सर्च इंजन क्या है और कैसे काम करते हैं ? जानने में  आपकी  मदद कर पाया  ??????
अगर हाँ  ! तो अपने comments के through  मुझे जरूर बताइएगा। 


Meta Tags in SEO

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में meta  tags का बहुत importance  हैं।
Meta title and Meta description tags इसमें बहुत ही important है।
इस article में हम सभी Meta tags के बारें में विस्तार से बात करेंगें।

Meta tags kya hote hai? और kaise add करे ?

Meta वह information  है जो किसी page  के content के बारे में बताती है।
किसी page को पढ़ते समय यह readers को नहीं दिखते पर search engines  इन्हें  पर पढ़ सकते हैं
क्योंकि यह HTM codes  होते हैं , जो page  के head section   में डालें जाते हैं।
यह Meta Tags search engines  को  webpage के content की सारी जानकारी  देते हैं।
इन्ही की मदद से  SERP पर हमारी website display होती है।
उदहारण के लिए –
Google  में Taj Mahal ko search करने पर हमें यह results show हुए –
meta title and description hindi
इसमें Blue heading –  Meta Title है
और Black में – Description
Note – SEO के लिए यह जरूरी है कि हम अपने webpage का Meta description  लिखे।
परंतु search results  में Google वही Meta Description  दिखाएगा या कुछ और यह  गूगल  ही decide  करता है।
किसी page के Meta Tags को कैसे find करें?
किसी भी web page के Meta tags  ढूंढने के लिए उस पेज के code को पढ़ना चाहिए।
इसके लिए page  पर जाएं ,mouse  को right click  करें और view  page source को select करें।
ऐसा करने से आपके पास उस webpage की coding  खुलकर सामने आ जाएगी।
Head section  में जाकर आप Meta tags को check  कर सकते हैं। 
आप Google का यह article पढ़ सकतें हैं Meta Tags को डिटेल में समझने के लिये।

Meta Tags  कितनी तरह के होते हैं ?

4 main Meta Tags  जो SEO  में प्रयोग होते हैं वह हैं-
  • Title  tag
  • Meta description tag
  •  Meta Robots Tag
  • Meta Keywords tag
  1. Title Tag –

SEO  के नजरिए से यह बहुत ही important tag  है .
जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है यह tag  सर्च इंजन को बताता है की पोस्ट का Title/ topic   क्या है ?
यानी यह पोस्ट किस बारे में है
Html में title tag को कैसे लिखें – 
<title>The Title of the Page</title>

Title को SEO के लिये कैसे optimize करें ?

  • अपने main focus  Keyword को इसमें include करें।
  • Title attractive होना चाहियें।  ताकि ज्यादा लोग Click करें।
  • Title आपके content को justify /match करता हो।

2..  meta description tag-   

इस tag  में 160  words का use सही रहता है
इस Tag  की मदद से Search engines को हम short  में अपने webpage  के content  के बारे में बता सकते हैं .
SEO के लिए यह जरूरी है कि हम अपने webpage का Meta description  लिखे।
परंतु search results  में Google वही Meta Description  दिखाएगा या कुछ और यह  गूगल  ही decide  करता है।
Html में Meta description tag को कैसे लिखें ?
<meta name=”description” content=”write your description here”/>
Meta Description  को SEO के लिये कैसे optimize करें ?
  • इसमें अपने focus keyword को add करें।
  • Keyword के synonyms भी include करें।
  • सही से लिखे हुए  Meta description  Visitors को Attract करते हैं Click करने के लिए और हमारे  CTR को भी  improve करते हैं।
  • पर ध्यान रहे हमारा Meta description हमारे web page से match करता हो।
अगर हम  meta description अपने  content के  according नहीं लिखेंगे तो
तो जो  visitors description को पढ़कर हमारी वेबसाइट पर आएगा, वह cheated feel  करेगा
और वेबसाइट  से  बहुत जल्दी वापस चला जाएगा.
जिससे हमारा bounce rate increase  होगा और search rankings decrease.

3. Meta Robots Tag  –

इस Tag की मदद से हम सर्च इंजन को  बताते हैं कि वह हमारे web page को  किस तरह से treat करें।
index/no index – यह बताता है  की page हो search results में दिखाया जाए या
नहीं।
Follow and no follow– यह बताता है की  किन links  को  Trust  किया जाए और link juice pass किया जाये।  
<meta name=”robot” content=”index,follow”/>
  1. meta keywords tag-

 यह tags अब SEO में  इतने important  नहीं रह गये  है जितने कुछ साल पहले हुआ करते थे।
सर्च इंजन  भी इनको अब कोई weightage  नहीं देते।
क्योंकि लोग इनका प्रयोग keyword stuffing के लिए करने लगे हैं।
अगर आपकी वेबसाइट WordPress  पर बनी है  तो Yoast Plugin से आप यह सभी Tags  बहुत आसानी से अपने web pages में  add कर सकते हैं।
क्या आपने अपनी वेबसाइट पर Meta tags implement करें हुए है? और अगर meta tags से related कोई question है  तो you can ask in the comment section.